If ever someone will like me, he will feel the same way for me, as i feel for myself in these lines....so m helping him to express his feeling about me.....
मैं चाहता तो
झिरक देता
उसकी हर एक बात को
पर उसका वो मासूम सा चेहरा
वो भोली मुस्कान
हमेशा मुझे रोक देते है
और मैं कुछ
कह नहीं पाता......
वो दो चमकते
जुगनू
उसकी आँखों के
वो खनकती
सी हंसी उसकी
सुकून देती है दिल को
मैं रोक लेता हूँ
खुद को
कुछ कह नहीं पाता
मूक सा
हाथ बंधे
सुनता रहता हूँ
उसकी कहानिया .......
देखता रहता हूँ
उसकी आँखों के
वो दो चमकते जुगनू
और होठों पे खिली हंसी
हर बात के साथ
उसके हाथों का वो
गिरना उठना
ऐसा लगता है
की ये कहानी
सदियों से चली आ रही है
मैं बहता जाता हुँ
किसी नदी की तरह
साथ उसके
लहरों में
चढ़ते उतरते.........
मैं रोक लेता हु
खुद को
कुछ नहीं कहता
क्यों की
शायद मुझको भी
अच्छा लगता है
बहना उसके साथ
धारे में
क्योंकि
मुझको भी अच्छा लगता है
शायद साथ उसका .......









