
Have u ever seen the roads…. Curvy…. Long… black… and at some places so many ditches, rocky, ups and down…. Life is like these roads… some time smooth sailing and some time… hard….But these roads are indifferent ….they just how where one is supposed to reach and rest every person is supposed to decide…. Where they want to go… how they take the things in their life……
नहो दीखते हैं कोई निशान
धुल भरी पगडंडियों पे
न जाने कितने कदम गए होंगे
इन पगडंडियों से अपनी मंज़िल को
न जाने कितने कदम भटके होंगे
इन पगडंडियों पे चलते चलते
कितने चेहरे पुलकित होंगे
सफलता की सोपान चढ़
कितने चेहरें मुरझायें होंगे
मंज़िल को न पा कर
लेकिन पगडंडिया तो बस मौन हैं
बेअसर है उनके लिए
सफलता और असफलता
मौन महात्मा की भांति
वो तो बस चुपचाप सबको राहें दिखती हैं
वो रहे जो जाती हैं
हमारी मंज़िल की ओर
पगडंडियां नहीं भटकती किसी को
ये तो बस इंसान है
जो भटक जाता है
खुद ब खुद
रहता नहीं वो अटल कभी
इन पगडंडियों सा
दिखाता हुआ राह हर
आने जाने वाले को
वो तो बस खुद के लिए
राह तलाशते तलाशते
हो जाता है सबसे दूर .....
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